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BNS धारा 187 क्या है? | टकसाल में सिक्कों की गड़बड़ी पर 7 साल की जेल | Indian Criminal Law Explained
BNS धारा 187 क्या है? | टकसाल में सिक्कों की गड़बड़ी पर 7 साल की जेल | Indian Criminal Law Explained📌 BNS धारा 187 क्या कहती है?
अगर भारत की सरकारी टकसाल (Mint) में सिक्के बनाते समय कोई कर्मचारी जानबूझकर या गलती से तय वजन या धातु (मिश्रण) में बदलाव करता है, तो यह एक गंभीर अपराध है।
इस अपराध के लिए 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
इस वीडियो में आप जानेंगे:
👉 BNS dhara 187 का मतलब
👉 टकसाल में सिक्कों का वजन व धातु कैसे तय होता है
👉 कौन-कौन इस धारा में दोषी माना जा सकता है
👉 सज़ा क्या है?
👉 आसान भाषा में उदाहरण
यह धारा आर्थिक अपराधों से जुड़ी है और करेंसी की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
📚 Legal Category:
गैर-जमानती
गंभीर अपराध
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
⚖️ Disclaimer:
यह वीडियो केवल शिक्षा के उद्देश्य से है। किसी भी कानूनी सलाह के लिए वकील से संपर्क करें।
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भारतीय दंड संहिता
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IPC और BNS difference
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7 साल की सजा किसे होती है
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टक्साल कर्मचारी अपराध
Bharatiya Nagrik Suraksha Sanhita
Видео BNS धारा 187 क्या है? | टकसाल में सिक्कों की गड़बड़ी पर 7 साल की जेल | Indian Criminal Law Explained канала Advocates Adda
अगर भारत की सरकारी टकसाल (Mint) में सिक्के बनाते समय कोई कर्मचारी जानबूझकर या गलती से तय वजन या धातु (मिश्रण) में बदलाव करता है, तो यह एक गंभीर अपराध है।
इस अपराध के लिए 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
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9 декабря 2025 г. 12:21:48
00:02:51
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