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DEPERSONALIZATION RUBRIC REEL MESSAGE BY DR M K SAHANI IN HINDI

यह रूब्रिक उस अवस्था का वर्णन करती है जिसमें रोगी अपनी व्यक्तिगत पहचान (Personal Identity), आत्म-अनुभूति (Self-Experience) तथा स्वयं के अस्तित्व (Sense of Existence) से अलगाव अनुभव करता है।
रोगी अनुभव कर सकता है—
• स्वयं को अवास्तविक (Unreal) महसूस करना।
• स्वयं से अलग महसूस करना।
• स्वयं को बाहर से देखना।
• अपने शरीर से कटाव महसूस करना।
• स्वयं को किसी स्वप्न (Dream) में जीता हुआ अनुभव करना।
• स्वयं को अपरिचित (Strange) अनुभव करना।
डीपर्सनलाइज़ेशन मानव चेतना (Human Consciousness) के सबसे गहरे विकारों में से एक माना जाता है।
विशेष बात यह है कि अधिकांश रोगी जानते हैं कि उनका अनुभव असामान्य है।
वे कह सकते हैं—
"मैं जानता हूँ कि मैं वही हूँ, लेकिन मैं स्वयं जैसा महसूस नहीं करता।"
या
"ऐसा लगता है कि मैं जीवन को जी नहीं रहा, केवल देख रहा हूँ।"
यह रूब्रिक निम्न रूब्रिक्स से निकट सम्बन्ध रखती है—
• Confusion of Mind – Identity, Personal
(व्यक्तिगत पहचान की भ्रमावस्था)
• Delusion – Body Out Of
(शरीर से बाहर होने का भ्रम)
• Delusion – Separated From Body
(शरीर से अलग होने का भ्रम)
• Disruption of Personal Identity
(व्यक्तिगत पहचान का विघटन)
• Merging of Self With Environment
(स्वयं का वातावरण में विलय)
इन सभी के बीच सूक्ष्म अंतर को समझना अत्यंत आवश्यक है।

Видео DEPERSONALIZATION RUBRIC REEL MESSAGE BY DR M K SAHANI IN HINDI канала Dr. Mridul Kumar Sahani
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