Загрузка...

"भारत पर यूनानी–फारसी आक्रमण!"(Chapter-7) Yunani–Farsi Aakraman)

🏹 यूनानी–फारसी आक्रमण (Yunani–Farsi Aakraman)
भारतीय इतिहास में उत्तर-पश्चिमी भारत पर हुए यूनानी (Greek) और फारसी (Persian) आक्रमणों का विशेष महत्व है। इन आक्रमणों ने भारत की राजनीति, संस्कृति और प्रशासन पर गहरा प्रभाव डाला।
🇮🇷 फारसी (Persian) आक्रमण
1️⃣ Cyrus the Great (कुरुश महान)
लगभग 558–530 ई.पू.
ईरान के आकेमेनिड साम्राज्य का संस्थापक।
उसने उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों (गंधार) पर अधिकार किया।
2️⃣ Darius I (डेरियस प्रथम)
लगभग 522–486 ई.पू.
सिंधु नदी के पश्चिमी क्षेत्र को अपने साम्राज्य में मिलाया।
भारत को अपने साम्राज्य का 20वाँ प्रांत (सात्रापी) बनाया।
भारतीयों से कर वसूला जाता था।
📌 फारसी आक्रमण का प्रभाव
भारत में सात्राप प्रथा (प्रांतीय शासन व्यवस्था) का परिचय।
सिक्कों और कर व्यवस्था में सुधार।
फारसी कला और वास्तुकला का प्रभाव।
🇬🇷 यूनानी (Greek) आक्रमण
1️⃣ Alexander the Great (सिकंदर महान)
326 ई.पू. में भारत पर आक्रमण।
झेलम नदी के तट पर Porus (पुरु) से युद्ध (हाइडेस्पीज़ का युद्ध)।
सिकंदर विजयी हुआ, लेकिन पुरु की वीरता से प्रभावित होकर उसका राज्य लौटा दिया।
📌 यूनानी आक्रमण का प्रभाव
भारत और यूनान के बीच सांस्कृतिक संपर्क बढ़ा।
गंधार कला शैली का विकास (यूनानी + भारतीय कला)।
व्यापारिक संबंधों में वृद्धि।
उत्तर-पश्चिम भारत में छोटे-छोटे यूनानी राज्यों की स्थापना।
✍️ निष्कर्ष
यूनानी और फारसी आक्रमणों ने भारत की राजनीतिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था, कला और संस्कृति को प्रभावित किया। इन आक्रमणों ने भारत को बाहरी दुनिया से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Видео "भारत पर यूनानी–फारसी आक्रमण!"(Chapter-7) Yunani–Farsi Aakraman) канала Superfast Study Zone
Яндекс.Метрика
Все заметки Новая заметка Страницу в заметки
Страницу в закладки Мои закладки
На информационно-развлекательном портале SALDA.WS применяются cookie-файлы. Нажимая кнопку Принять, вы подтверждаете свое согласие на их использование.
О CookiesНапомнить позжеПринять